मां🎆
तुम्हें पता है मां क्यों
मां कहलाती है
सायद मुझे भी पता नहीं मगर
मुझे इतना तो पता है की सायाद मां
उसे कहते है जो हमे जन्म देकर
अपनी दूध पिलाकर पालती है तब
मां जन्मदात्री कहलाती है
अपनी दूध पिलाकर पालती है तब
मां जन्मदात्री कहलाती है
और न जाने क्यों मां बचपन में
हमारी छोटी छोटी गलतियों पर
डाटने के बावजुद अपना प्यार दिखलाती है।
और सायाद यही मां और बच्चे की
अटूट रिश्ता कहलाती है
छोटे होते है तो हम अपनी
पैरो के बल पर चलते फिरते गिर जाते तब
मां हमारी सहारा बन जाती है
भले ही चोट हमें लगती है
मगर दर्द मां की आंखों में नजर आ जाती है
मगर दर्द मां की आंखों में नजर आ जाती है
और हम्में आने वाली हर
मुसीबतों को मां न जाने कैसे जान जाती है
मुसीबतों को मां न जाने कैसे जान जाती है
और उस मुसीबतों से
लडने के लिए सामने खड़ी हो जाती है
लडने के लिए सामने खड़ी हो जाती है
और न जाने क्यों मां अपनी हर
एक बातों से ज्ञान झलकाती है
एक बातों से ज्ञान झलकाती है
मां कितनी भी गुस्से में हो
बड़े प्यार से समझाती है और हमे अपने जीवन की मुसीबतों से लडने के लिए हिम्मत दे जाती है
बड़े प्यार से समझाती है और हमे अपने जीवन की मुसीबतों से लडने के लिए हिम्मत दे जाती है
और अपने जीवन की अपनी सभी अनुभव बतलाती
और सायाद इसलिए मां हमारे जीवन की
पहली गुरु कहलाती है
पहली गुरु कहलाती है
और अचानक हमारे कहीं चले जाने पर मां
अपनी आंसू से अपनी चिंता जताती है
अपनी आंसू से अपनी चिंता जताती है
मैंने तो कभी भगवान को देखा नहीं मुझे
तो अपनी मां में भगवान नजर आती है
तो अपनी मां में भगवान नजर आती है
और सायाद मां इसलिए मां कहलाती है।

Awesome
ReplyDeleteAbhi to Socha Kahan Se Hare super bro fantastic nice line bahut Aage Tak Jaega R
ReplyDeleteWah ����
ReplyDeleteBahut sundar Aatesh Bhai
Wa मेरे लाल जीते रह
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