Writer

Sunday, November 10, 2019

दिल की पहेलियां

💞 💞 दिल की पहेलियां 💞 💞


पहेलियां तो बहुत सी सुलझाई है मैंने अपने जीवन की 
मगर कभी
तेरे दिल की पहेलियां न सुलझा सका 

घरौंदे तो बहुत से बनाए है बचपन में 
                            मगर कभी 
तेरे दिल में अपने लिए कभी आशियाना न बना सका

खुद तो बहुत से रिश्ते निभाएं अपने जीवन में
मगर कभी
तेरे दिल का रिश्ता न निभा सका 

बाते तो बहुत से की है खुद से भी औरो से भी 
मगर कभी 
तेरे संग कभी प्यार से बतिया न सका

भाषाएं तो बहुत सी सुनी व समझी है
मगर कभी 
तेरे इन आंखों की भाषा समझ न सका 

तारीफे तो बहुत सी सुनी और की है
मगर कभी
तूझे तेरी खुबसूरती का तारीफ सुना न सका 

खुद का मजाक बनाकर मैंने रोते हुए को भी हंसा दिया
मगर कभी
मैंने खुद की हंसी उड़ाकर तूझे हंसा न सका

वक्त को भी वक्त देकर अपने होने का अहसास दिलाया है 
                         मगर कभी
तेरे साथ कभी वक्त बिताने न मिला

चाहत तो बहुत थी तूझे पाने की 
मगर कभी
तूझे अपनी किस्मत से चूरा न सका

मांगा तो दुआवो में तूझे बहुत 
मगर कभी 
भगवान ने मेरी दुआवो में कभी असर दिखा न सका 

और सायद यही कारण है की

पहेलियां तो बहुत सी सुलझाई है मैंने अपने जीवन की
मगर कभी
तेरे दिल की पहेलियां न सुलझा सका

Aateshwar Nishad

4 comments: