💞 💞 दिल की पहेलियां 💞 💞
पहेलियां तो बहुत सी सुलझाई है मैंने अपने जीवन की
मगर कभी
तेरे दिल की पहेलियां न सुलझा सका
घरौंदे तो बहुत से बनाए है बचपन में
मगर कभी
तेरे दिल में अपने लिए कभी आशियाना न बना सका
खुद तो बहुत से रिश्ते निभाएं अपने जीवन में
मगर कभी
तेरे दिल का रिश्ता न निभा सका
बाते तो बहुत से की है खुद से भी औरो से भी
मगर कभी
तेरे संग कभी प्यार से बतिया न सका
भाषाएं तो बहुत सी सुनी व समझी है
मगर कभी
तेरे इन आंखों की भाषा समझ न सका
तारीफे तो बहुत सी सुनी और की है
मगर कभी
तूझे तेरी खुबसूरती का तारीफ सुना न सका
खुद का मजाक बनाकर मैंने रोते हुए को भी हंसा दिया
मगर कभी
मैंने खुद की हंसी उड़ाकर तूझे हंसा न सका
वक्त को भी वक्त देकर अपने होने का अहसास दिलाया है
मगर कभी
तेरे साथ कभी वक्त बिताने न मिला
चाहत तो बहुत थी तूझे पाने की
मगर कभी
तूझे अपनी किस्मत से चूरा न सका
मांगा तो दुआवो में तूझे बहुत
मगर कभी
भगवान ने मेरी दुआवो में कभी असर दिखा न सका
और सायद यही कारण है की
पहेलियां तो बहुत सी सुलझाई है मैंने अपने जीवन की
मगर कभी
तेरे दिल की पहेलियां न सुलझा सका
Aateshwar Nishad

Nice
ReplyDeleteBadiya hai bhaiya
ReplyDeleteSuper mst bhai✌️👌🌷
ReplyDeleteChha gye guru aap to osm line bro
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